राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव व 1994 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष रस्तोगी को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। राज्य शासन ने रविवार को अवकाश के दिन इसके आदेश जारी किए। रस्तोगी को मिलाकर अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तीन प्रमुख सचिव हो गए हैं। अशोक वर्णवाल और फैज अहमद किदवई भी सीएमओ में प्रमुख सचिव हैं। इन दोनों में से एक की पोस्टिंग जल्द ही सीएमओ से बाहर हो सकती है।
रस्तोगी वही अफसर हैं, जिन्होंने ई-टेंडर घोटाले की प्रारंभिक जांच की जानकारी सबसे पहले शासन को भेजी थी। राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के एमडी रहते उन्हें तब ईओडब्ल्यू ने बयान लेने के लिए बुलाया था। ईओडब्ल्यू के तत्कालीन महानिदेशक केएन तिवारी ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे चर्चा की। बहरहाल, उनके सीएमओ में आने के बाद अन्य दो प्रमुख सचिवों के कामकाज में बदलाव होगा। रस्तोगी के पास राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव व राहत एवं पुनर्वास आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
24 मार्च को मुख्य सचिव पद से हटाए गए 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को पांच दिन बाद भी पोस्टिंग नहीं मिली है। उन्हें पदस्थापना की प्रतीक्षा में रखा गया है। सिर्फ आठ दिन मुख्य सचिव रहे रेड्डी की पोस्टिंग एक-दो हफ्ते में होने की संभावना है। इधर, पूर्व मुख्य सचिव व प्रशासन अकादमी के डीजी एसआर मोहंती 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। मोहंती के रिटायर होने के बाद 1990 बैच के डाॅ. राजेश राजौरा अपर मुख्य सचिव बनेंगे। वन विभाग में अपर मुख्य सचिव व 1984 बैच के एपी श्रीवास्तव के भी 1 अप्रैल से लंबे अवकाश पर खबरे हैं।
बदले जा सकते हैं भोपाल कलेक्टर पिथोड़े, लवानिया के नाम की चर्चा
इंदौर के बाद अब भोपाल कलेक्टर के भी बदले जाने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। लाॅकडाउन में जो गलतियां इंदौर में हुई थीं, इसी तरह भोपाल में भी कुछ इलाकों में लोग कोराेना से जुड़ीं एहतियातों का पालन नहीं कर रहे। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नाराज हैं। इसी के मद्देनजर भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े को बदला जाएगा। उनकी जगह खाद्य विभाग के संचालक अविनाश लवानिया को भोपाल का जिम्मा मिल सकता है। लवानिया भोपाल नगर निगम के कमिश्नर रह चुके हैं।